जिला सत्र न्यायालयन्यूजमुंगेली

नृशंस हत्या: के आरोपी को न्ययालय ने सुनाया आजीवन कारावास की सजा…

हरिपथ:मुंगेली-संगवाकापा निवासी राजू उर्फ मंगलू पिता रामचरण निषाद उम्र 21 वर्ष को धारा 302 भारतीय दंड विधान के अपराध में दोषी पाया गया। सत्र न्यायाधीश गिरिजा देवी मेरावी ने उसे आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने प्रकरण की पैरवी की।

घटना 25 मार्च 2024 की है, जब करीब 7 बजे शत्रुघ्न उर्फ राजू नेताम गांव के गोपी नेताम की दुकान से मिक्चर खरीदकर विष्णु निषाद की दुकान के सामने मिक्सर खा रहे थे। इसी दौरान राजू निषाद अपने घर से टंगिया लेकर आया और विनय मरावी तथा उसके भाई शत्रुघ्न उर्फ राजू नेताम के साथ गाली-गलौज करने लगा। इसी दौरान उसने पुरानी रंजिश को लेकर शत्रुघ्न उर्फ राजू नेताम के सिर पर टंगिया से जानलेवा हमला कर कर दिया। इस पर आहत विनय मरावी बीच-बचाव करने की कोशिश की तो

राजू निषाद ने उसके गाल पर टांगिया से हमला कर दिया। हमले में शत्रुघ्न उर्फ राजू नेताम की गर्दन में गंभीर चोटें आई और लगभग मृतप्राय हो गया। शत्रुघ्न उर्फ को इलाज हेतु मुंगेली के अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। प्रार्थी आहत विनय मरावी की रिपोर्ट के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया। मामले में आरोपी राजू उर्फ मंगलू को धारा 302, 201 भारतीय दंड संहिता के आरोप में दोषी ठहराया गया तथा धारा 324 भारतीय दंड संहिता के स्थान पर उसके लघुत्तर धारा 323 भारतीय दंड संहिता के अधीन दंडनीय अपराध में आरोपी पर दोषसिद्ध किया गया।

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