पटवारी एवं तहसीलदार विवाद गहराया! प्रसासनिक कर्मचारी आमने सामने,आय जाति,निवास एवं जमीन संबन्धी कार्य ठप..

हरिपथ:मुंगेली/लोरमी-12 फरवरी 14 दिनों से स्थानीय तहसीलदार को हटाने को लेकर पटवारी संघ ने मोर्चा खोलकर जिला स्तर पर धरने में बैठ गए हैं, तहसीलदार के पक्ष में छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ एवं कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ सहित स्थानीय कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों ने तहसीलदार को नही हटाने पक्ष में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। इसके चलते किसानों एवं आम लोगो के राजस्व कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। लोरमी के 32,लालपुर 18 सहित जिले के 150 पटवारी धरना पर है।


तहसीलदार एवं पटवारियों के बीच का विवाद गहराता जा रहा है। दोनो के विवाद में पटवारी हल्का में काम ठप्प पड़ा है। किसानों का काम पूर्ण रूप से प्रभावित हो रहा है, आम जनता के आय, जाति, निवास और जमीन संबंधी काम नक्शा, खसरा, बीवन,सीमांकन एवं जमीन की रजिस्ट्री भी शून्य हो गई है! दोनो के बीच का मामला पहले कलम डाउन तहसील स्तर तक था,अब जिले के पटवारियों के साथ सोमवार से मुंगेली के आगर क्लब में धरना में सामिल हो गए है। जिला स्तर पर हड़ताल के चलते पूरी तरह ठप हैं। लोरमी के बाद अब यह हड़ताल जिला स्तर पर भी शुरू हो गई है।

मिली जानकारी के अनुसार अपनी समस्याओं को लेकर पटवारियों ने पहले तो स्तानीय अनुविभागीय अधिकारी एवँ आपसी दखल की मांग कर उनकी समस्याओं को निराकरण करने सहित स्थानीय तहसीलदार को हटाने माग पर अड़े रहे । अलबत्ता ये हुआ कि पटवारियों ने संघ एक सप्ताह तक लोरमी में धरना पर रहे है, काम नही बना तो समस्या को संघ को अवगत कराया और मामला जिला स्तर पर पहुँच गया। अब मामला उलझता दिखाई दे रहा है, जिला स्तर पर जीले कि पटवारियों ने काम बंद करने का मामला प्रकाश में आया है!

तहसीलदार के बचाव में छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ: किसी के दबाव में तहसीलदार को हटाने पर करेंगे आंदोलन! तहसील लोरमी में पिछले 14 दिनों से चल रहा गतिरोध अब एक नया मोड़ ले चुका है। कार्य अनुशासन और काम की अधिकता को ‘प्रताड़ना’ बताने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ तहसीलदार के समर्थन में उतर गया है,उन्होंने जिला कलेक्टर कुंदन कुमार को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट किया है कि किसी भी कर्मठ अधिकारी को हड़ताल और झूठे आरोपों के दबाव में नहीं हटाया जाना चाहिए। संघ का कहना है कि यदि अनुशासन बनाए रखने वाले अधिकारियों को इस तरह निशाना बनाया जाएगा, तो भविष्य में कोई भी अधिकारी ईमानदारी से कार्य नहीं कर पाएगा।

मामले को लेकर सुबह तहसील कार्यालय में पदस्थ 11 कर्मचारियों ने कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ ने जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार के पक्ष में ज्ञापन सौपा है। जिसमे उन्होंने ज्ञापन में उल्लेख किया है,की तहसीलदार को ककार्य के प्रति गंभीरता व उनके कार्यशैली को देखते हुए लोरमी तहसील में पदस्थापना रखा जाए। तहसीलदार ने एस० आई० आर० तथा धान खरीदी का कार्य समय सीमा में त्रुटिरहित हुआ है। न्यायालय का भी कार्य समस्त स्टॉफ के साथ समन्वय बनाते हुए सुचारू रूप से संचालित है। राजस्व निरीक्षक एवं हल्का पटवारी के द्वारा की जा रही हड़ताल के दबाव में आकर स्थानांतरण नही करने की मांग किये है। बताया जा रहा है,की कोटवार संघ भी तहसीलदार के पक्ष में ज्ञापन सौंपने जिला कलेक्टर को दिए है।

गौरतलब है,पटवारियों एवं तहसीलदार का विवाद दस दिनों से अधिक बीत जाने के बाद भी समस्या का हल निकलते नही दिख रहा है,विवाद जहाँ कर्मचारी अधिकारी एक दूसरे के आमने सामने दिख रहे! मामला वर्चस्व की होते दिख रही जिसमें आम लोग एवं किसान पिस रहे है! कुल मिलाकर मानो की एक तरह से अधिकारी कर्मचारी एवं पटवारी संघ आमने सामने होकर लोरमी राजस्व राजनीतिक अखाड़ा बन गया हो!
मामले को लेकर प्रशासन की मौन कुछ और ही कह रही है,जिला प्रशासन के सामने एसाईआर प्रकिया के कारण निर्वाचन आयोग ने तहसीलदार को ईआरओ नियुक्ति हुआ है, जो बूथ स्तर से लेकर मतदाता से सम्बंधित कार्य अभी वर्तमान में एसाईआर प्रकियाधिन है,इससे उनका हटना या हटना फिलहाल के लिए मुमकिन नही है। फिर आगे क्या होगा ये जांच की विषय है।
स्थानीय स्तर पर विपक्ष चुटकी लेकर प्रसानिक विवाद पर मजे लेते दिख रहे है! बताया जा रहा है,की जिला के 150 पटवारी धरने पर है। बताया जा रहा है,की आरआई भी एक दिवसीय अवकाश लेकर उनके धरने को समर्थन देने पहुँचे थे!
क्या कहते है,अधिकारी–
एसडीएम अजीत पुजारी ने कहा पटवारीयो की जैसी जो मांग थीं पूरी कर दिए है,पूरे जिले में विवाद की स्थिति निर्मित कर रहे है,हटाने का कार्य हमारा नही है,इलेक्शन कमीशन ईआरओ बनाया है, इसके चलते एसआईआर प्रकिया को चलते पूरे राज्य में तहसीलदार को हटाया नही जा सकता है।
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रसासनिक सेवा संघ के जिला अध्यक्ष कुढ़ाल पांडे ने कहा पटवारियों का हड़ताल बंद होना चाहिए, इससे आमजन परेसान है। किसी भी के दबाव में आकर नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार को नही हटाया जाए,और विधि विरुद्ध कार्यवाही नही किया जाए।
पटवारी संघ जिला अध्यक्ष किशन महिलांग ने कहा कि जिला एवँ तहसील स्तर पर मामले को लेकर चर्चा हुआ लेकिन विकल्प नही निकला। स्वच्छ वातावरण तैयार होना चाहिए। जिला कलेक्टर को हस्तक्षेप कर मामले में निराकरण किया जाये। पटवारी संघ का एक ही मांग है,तहसीलदार को हटाया जाए।



