बेटे की बीमारी ठीक करने हैवान ने दी तीन साल के मासूम की बलि… आरोपी गिरफ्तार…16 महीने बाद खुलासा..

हरिपथ–बलरामपुर, जिले के सामरी थाना क्षेत्र में नरबली का सनसनीखेज मामला सामने आया है।अंधविश्वास में डूबे हैवान ने अपने बेटे की मिर्गी की बीमारी ठीक करने के उद्देश्य से तीन साल के बच्चे को बिस्किट और मिठाई का लालच देकर उसका अपहरण किया। फिर घर ले जाकर उसकी गर्दन को धड़ से अलग कर बलि दे दी। 16 महीने से लापता बालक मामले को पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझा लिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी ने मासूम बच्चे की हत्या करने के बाद उसके धड़ को जंगल में ले जाकर जला दिया और सिर को घर में 3 दिनों तक छिपाकर रखा। बाद में जब पुलिस ने गांव में खोजबीन शुरू को, तो आरोपी ने सिर को कपड़े में लपेटकर साल पहले हुए इस जघन्य हत्याकांड में पुलिस ने अब आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने बच्चे के सिर का अवशेष बरामद करने के साथ ही हथियार बरामद करने में सफलता हासिल की है। दिल दिमाग को झंझोर देने वाली यह घटना बलरामपुर जिले के सामरी पाठ थाना अंतर्गत सबाग सुलुंगडीह पारा की है। सुलुंगडीह पारा निवासी 24 वर्षीय बीरेंद्र नगेसिया आ. बीरसाय नगेसिया पत्नी व बच्चों के साथ रहता था। युवक 29 मार्च 2024 को अपनी पत्नी और बच्चों के साथ महुआ फूल बीनने के लिए ग्राम झलबासा जंगल गया था। युवक परिवार के साथ झलबासा जंगल में ही झाला झोपड़ी बनाकर रहता था।
छुरी से रेतकर अलग की गर्दन-आरोपी चांदो थाना अंतर्गत वाम चटनिया कटईडीह निवासी 40 वर्षीय राजू कोरवा आ. लेब्दु कोरवा ने पुलिस को बताया कि उसे 29 मार्च को ग्राम इालबासा में ढाई से तीन साल का बालक खेलता हुआ दिखा तो वह उसे मिठाई और बिस्किट देने का लालच देकर गोद में उठाकर अपने घर ले गया और घर जाते ही तंत्र मंत्र करके मासूम बच्चे की बलि दे दी। आरोपी ने छुरी से बच्चे के सिर को धड़ से अलग कर किया।
इस दौरान 1 अप्रैल को वह रसोई का काम करने के लिए प्राथमिक शाला सबाग गया था और स्कूल की छुट्टी होने के बाद जब युवक अपने झोपड़ी में लौटा तो पत्नी दयामुनी नगेसिया ने उसे बताया कि उसके दोनों बच्चे अजय नगेसिया व जीतन नगेसिया महुआ पेड़ के नीचे खेल रहे थे और वह नदी किनारे करेला तोड़ने चली गई थी। जब वह वापस लौटी तो 3 वर्षीय अजय नगेसिया मौके पर मौजूद नहीं था। ऐसे में परिजन ने उसे जंगल, नदी नाला, आस पास के गांव में खोजबीन की कुछ पता नहीं चला। 3 वर्षीय बालक जो ठीक से बोल भी नहीं पाता था उसके लापता होने पर परिजन ने अपहरण की आशंका जाहिर करते हुए 6 अप्रैल को सामरीपाठ पुलिस से मामले की शिकायत की जिसके बाद पुलिस द्वारा गुमशुदगी व अपहरण का मामला दर्ज कराया गया था।
पुलिस को करता रहा गुमराह-मासूम बच्चे के अपहरण किए जाने के मामले में एसपी वैभव बैंकर रमनलाल के निर्देश पर एएसपी विश्व दीपक त्रिपाठी व एसडीओपी कुसमी इम्मानुएल लकड़ा के नेतृत्व में पुलिस मामले की जांच कर रही थी लेकिन पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल पा रहा था। इस दौरान पुलिस ने मुखबिर को तैनात करके रखा था। खोजबीन के दौरान ही राजू कोरवा नामक युवक ने मृतक के दादा और झलबासा निवासी झल्लू को बताया था कि बच्चे को खोजने के तंत्र मंत्र व बड़ी पूजा करनी पड़ेगी। ऐसे में पुलिस ने संदेही राजू कोरवा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने पुलिस को कह दिया कि उसने शराब के नशे में ऐसा बोल दिया था। इस दौरान कई बार आरोपी अपने बयान बदलता रहा।
कड़ाई से पूछताछ में खुला राज-इस दौरान पुलिस मामले की लगातार जांच कर रही थी। एक बार फिर मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर राजू कोरवा को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने पूछताछ के दौरान जो खुलासे किए उसे सुनकर पुलिस के आला अधिकारी भी हैरान है। आरोपी ने कबूल किया कि उसके बड़े बेटे को बचपन से मिर्गी की बीमारी है और मानसिक रूप से कमजोर है। महादानी देवता को आदमी की बलि देने पर मेरा बेटा ठीक हो जाएगा इसलिए उसने नर बलि देने की योजना बनाई।
छुरी से रेतघर में ही छिपाकर रखा था। जब माता पिता और पुलिस बच्चे की खोजबीन करने लगे तो डरकर बच्चे के सिर को कपड़े में लपेटने के बाद उसी नाला के समीप पहुंचा और गड्डा खोदकर दफन कर दिया और उसके ऊपर 4-5 बड़े पत्थर रख दिया।
बलरामपुर जिले के सामरी पाठ थाना क्षेत्र में जंगल में दफन कर दिया। सवा नरबलि देकर रात के समय धड को जला दिया जबकि बच्चे के सिर को तंत्रमंत्र के लिए तीन दिनों तक
खोपड़ी के अवशेष डीएनए के लिए-आरोपी के कबूलनामा के बाद पुलिस ने एसडीएम को मामले की जानकारी दी और सामरी तहसीलदार की उपस्थित में कराया गया। पुलिस ने मौते से खोपड़ीनुमा अवशेष बरामद किया है। फिलहाल पुलिस द्वारा बच्चे की पहचन की पुष्टि करने के लिए अवशेष को डीएनए जांच हेतु गेजा जाएगा और उसके बाद अवशेष परिजन के सुपूर्व किया जाएगा। इस मामले में पुलिस ने आरोपी 40 वर्षीय राजू कोरवा आ. लेब्दु कोरवा को भादवि की धारा 363, 302,201 के तहत गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त लोहे की छूरी को बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल ने बताया कि गुमशुदा बालक की पतासाजी की जा रही थी। हमें एक युवक पर संदेह था। जब सूचना के आधार पर संदेही को पकड़कर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपने बेटे की मिर्गी की बीमारी ठीक करने के नाम पर बच्चे की बलि देने व धड़ को जलाने एवं सिर को दफन करने की बात स्वीकार की। बच्चे का अवशेष बरामद किया गया है जिसका डीएनए सैम्पल जांच के लिए भेजा जाएगा। हमारा प्रयास है कि इस अमानवीय घटना के लिए आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।