32 करोड़ खर्च कर संवारी जाएगी शिवतराई से केंवची के बीच 57 किमी सड़क..मिलेगी सुविधा..

हरिपथ:लोरमी-गोबरिपाट से शिवतराई होकर अचानकमार टाइगर रिजर्व से छपरवा,लमनी होकर केंवची तक 57 किलोमीटर की सड़क काफी खराब हो चुकी है, जहां से वाहन चालकों को अपनी गाड़ियां लेकर चलना भी मुश्किल हो जाता है। इसमें वन विभाग के अफसर भी परेशान रहते हैं। क्षेत्रीय विधायक एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुये शिवतराई से केंवची के बीच जर्जर सड़क को सुधारने के लिए 32 करोड़ 34 लाख रुपए की राशि स्वीकृत कर दी है, जिससे इस क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों के साथ अन्य लोगों को भी आवागमन की सुविधा मिलेगी।

अचानकमार टाइगर रिजर्व के बीच से गुजरने वाली सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। डामरीकरण तो दूर 10 साल से इसकी मरम्मत तक नहीं हुई है। ऐसी स्थिति में राहगीर यहां से गुजरने में भी डरते हैं। संवेदनशील व संरक्षित क्षेत्र होने के कारण टाइगर रिजर्व प्रबंधन मरम्मत की अनुमति देने से अनाकानी करता है। प्रबंधन तो इसमें राहगीरों के प्रवेश पर ही प्रतिबंध लगाना चाहता है। लोगों की सुविधा से जुडी सड़क होने के कारण इस पर आज तक प्रतिबंध नहीं लग सका, लिहाजा इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

अचानकमार का जंगल– जैव विविधता एवं वनस्पति से परिपूर्ण है, यहाँ पर सभी प्रकार के जीव जंतु एवं जंगली जानवरों का महत्वपूर्ण निवास स्थान है। पहले अचानकमार सेंचुरी हुआ करती थी। उस समय ज्यादा सख्त नियम नहीं थे। इसलिए लोक निर्माण विभाग आसानी से सड़कों की मरम्मत कर लेता था, लेकिन जब टाइगर रिजर्व घोषित हुआ है, यहां मरम्मत कराना भी लोक निर्माण विभाग के लिए कठिन हो गया है। विभाग ने कई बार अनुमति लेने का प्रयास किया। प्रस्ताव भी भेजा गया, लेकिन जिम्मेदार अफसरों ने इस पर कभी ध्यान नहीं दिया। यही वजह है कि सड़कों की मरम्मत नहीं हो सकी। धीरे-धीरे सड़कों की हालत जर्जर होती गई। वर्तमान में स्थिति यह है की सड़क में केवल गड्ढे ही गड्ढे. हैं। यहां से निकलना भी काफी मुश्किल हो जाता है। गड्ढे हैं। यहां से
सड़क बनने में लगेगा समय-एटीआर प्रबंधन के अनुसार कोर जोन को छोड़कर बफर जोन की सड़क के लिए लोक निर्माण विभाग ने कई बार प्रस्ताव मांगा था, लेकिन टाइगर रिजर्व की कमान सेन्ट्रल के पास होती है। इसके कारण उनके प्रस्ताव को एनटीसीए के पास भेजा गया, जहां से केवल मरम्मत कार्य करने की अनुमति मिली थी। इस बार प्रदेश सरकार ने सड़क के लिए राशि स्वीकृत कर दी है। इस राशि के मिलने के बाद उसे बनाने में अभी काफी समय लग सकता है। मिलने

शिवतराई से केंवची तक जर्जर– अचानकमार टाइगर रिजर्व अंतर्गत शिवतराई से लेकर केंवची तक है। कोर जोन अतिसंवेदनशील क्षेत्र के कारण इतने हिस्से में मरम्मत नहीं हो सकी। टाइगर रिजर्व प्रबंधन का मानना है, कि सड़क बनने के बाद गाड़यों का दबाव बढ़ेगी। इसके अलावा गति भी तेज होगी। इससे वन्य प्राणियों को खतरा है। इस क्षेत्र में वन्य प्राणियों का मूमेंट रहता है। टाइगर रिजर्व प्रबंधन के मुताबिक अचानकमार टाइगर रिजर्व की सड़क से प्रतिदिन गाड़यां गुजरती हैं। इसमें कार और बाइक हैं। ये गाड़यां अमरकंटक के अलावा गौरेला, पेंड्रा व मरवाही की ओर जाती है।



