बहुचर्चित भूमि विवाद दोहरे हत्याकांड: न्यायालय ने 8 आरोपियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा…

हरिपथ:मुंगेली-21 जुलाई- फास्टरपुर थाना क्षेत्र के गिगतरा गांव में भूमि विवाद को लेकर हुए बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए सभी आठ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सत्र न्यायाधीश गिरिजा देवी मरावी के न्यायालय ने सोमवार को निर्णय सुनाते हुए अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों को विश्वसनीय मानते हुए सभी आरोपियों को दोषसिद्ध ठहराया।

न्यायालय ने केजूराम पाटले, चित्रलेखा पाटले, मीनाक्षी पाटले, रजनी पाटले, रामबली पाटले, लाला उर्फ जागेंद्र कुर्रे, माखन पाटले एवं तोरण पाटले को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(3), 61(2) (क), 103(1) सहपठित धारा 190 (दो बार) तथा धारा 115(2) सहपठित धारा 190 (दो बार) के अंतर्गत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन के अनुसार थाना फास्टरपुर के दर्ज यह घटना 25 अगस्त 2024 को दोपहर लगभग 2 बजे ग्राम गिगतरा में हुई थी।
पारिवारिक भूमि विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना के दौरान आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हमला किया। अभियुक्तों ने ट्रैक्टर से भागबली पाटलेको कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। वहीं वकील पाटले की भी निर्मम हत्या कर दी गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्तृत विवेचना पूरी करते हुए न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। न्यायालय ने पाया कि मृतक भागबली पाटले एवं वकील पाटले के निधन से उनके परिवारों के समक्ष भरण-पोषण की गंभीर समस्या उत्पन्न होने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने दोनों मृतकों की पत्नियों को जांच उपरांत पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के अंतर्गत पीड़ित क्षतिपूर्ति निधि से प्रतिकर राशि प्रदान किए जाने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुंगेली को अनुशंसा की है।