अवैध उत्खननअवैध परिवहनअवैध भंडारणआगर नदीखनिजछत्तीसगढ़न्यूजमनियारी नदीमुंगेली/लोरमीराजस्व विभाग

मनियारी एवं आगर नदी में अवैध रेत उत्खनन से नदी के अस्तित्व पर मंडराया खतरा!

हरिपथ:लोरमी20 जून क्षेत्र की प्रमुख नदियों मनियारी एवं आगर नदी में लगातार हो रहे अवैध रेत उत्खनन ने नदी के अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा कर रहे है! मनियारी नदी के ग्राम जमुनाही, लाखासार, डोंगरिया  के पास तथा नीचे पैजनिया सहित अन्य स्थानों पर बड़े पैमाने पर रेत का अवैध खनन किया जा रहा है! वहीं आगर नदी के खपरिकला, लगरा, चिल्फी, सालहेघोरी और भांठा क्षेत्रों में भी रेत माफिया सक्रिय होकर नियमों को दरकिनार कर खुलेआम रेत निकाल रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार अवैध खनन में लगे लोगों ने रेत निकालने का एक अनोखा तरीका अपना रखा है। ट्रैक्टर में लंबी रस्सी बांधकर उसके दूसरे सिरे में आधा कटा हुआ लोहे का ड्रम जोड़ दिया जाता है। इसके बाद दो मजदूर नदी के भीतर जाकर ड्रम को रेत में गाड़ते हैं और ट्रैक्टर की सहायता से उसे खींचकर बाहर निकालते हैं। इस प्रक्रिया से बड़ी मात्रा में रेत निकाली जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है, कि लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से नदी की जलधारण क्षमता प्रभावित हो रही है। नदी के किनारों का कटाव बढ़ रहा है,तथा जलस्तर में गिरावट की आशंका भी गहरा रही है। पर्यावरण प्रेमियों का मानना है,कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले वर्षों में नदी का प्राकृतिक स्वरूप गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन, खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग से मांग की है कि अवैध रेत खनन पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा नदी के संरक्षण के लिए नियमित निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके बावजूद अब तक जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से रेत माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं।

खनिज निरीक्षक योगेश साहू ने कहा कि मामला सज्ञान में आया है,जल्द ही कार्यवही कर अवैध उत्खनन पर प्रभावी कार्यवाही किया जायेगा।

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