वनाचंल के आधा दर्जन गाँव में मलेरिया का प्रकोप:38 मरीज की पुष्टि, 15 अस्पताल में भर्ती…

हरिपथ:लोरमी– 4 अगस्त एटीआर वनक्षेत्र क्षेत्र के गांवों में अबतक 38 मरीज मलेरिया के विभाग को मिल चुके है। विभाग ने एहतियातन 15 मरीजो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 50 बिस्तर में भर्ती कर समुचित उपचार कर रहे है। बढ़ते प्रकोप को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन पर स्वस्थ्य विभाग एवं प्रशासनिक अमला वनाचंल के विभिन्न ग्रामो का दौरा कर सतत निगरानी कर रही है। प्रभावित गाँव मे तिलईडबरा, बहाउड़, अतरियाखार एवं राजक, अचानकमार सहित अन्य सामिल है। इनमें सबसे ज्यादा तिलाई डबरा में है। 3 अगस्त को ग्राम अचानकमार में 3 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वही दोमरीजों उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दिए गए।

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वनांचल के आधा दर्जन गांवों में इस समय मलेरिया के मरीज लगातार मिल रहे हैं इस पर प्रशासन अलग मूड पर आ गई है एवं विभिन्न स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभाग के आल्हा अधिकारी कर्मचारियों को निगरानी के लिए तैनात कर दिए हैं, यहां तक जंगलों में बीएमओ तक की ड्यूटी लगा दी गई है। जुलाई महीने में विभाग को एक दो मरीज मिल रहे थे,की शुक्रवार को 11 मरीज मलेरिया के पॉजिटिव मरीज मिले जिसके बाद विभाग एवँ जिला प्रशासन हरकत में आई और प्रभावित गाँव मे जाँच शिविर लगाकर घरों में बुखार से पीड़ित ग्रामीणों के सेम्पल एकत्रित कर जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। विभाग को अबतक 38 मरीज मिल चुके है,जिनमें एहतियातन 15 मरीजो को नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 50 बिस्तर अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। जिनमें एक मरीज को सोमवार को स्वास्थ्य लाभ लेकर जल्द उनके घर भेजा दिया जायेगा।

गौरतलब है कि वनांचल क्षेत्र में लगभग 19 से अधिक गांव बैगा आदिवासी बहुल क्षेत्र है,जो इस समय मलेरिया के चपेट में आते दिख रहा है? विभाग ने वनाचंल के विभिन्न गांव में 38 से अधिक संख्या मरीजो के बढ़ने की आशंका जताई है। विभाग एवं प्रशासन की सतर्कता से इन गांव में सतत निगरानी बरती रही है,जंगलों में 10 से अधिक स्वास्थ्य टीम तैनात किया गया है। प्रशासन ग्रामीणों को लगातार मलेरिया से बचने के उपाय जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन पूरी ताकत लगाकर मलेरिया जैसे गंभीर रोग को प्रतिरोध उपाय कर रहे हैं। एमडीएम अजीत पुजारी सोमवार को ग्राम अचानकमार, छपरवा, सारसदोल, बिन्दावल, बिजराकचार, चकदा का स्वास्थ्य अमलो के कामकाज का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
एसडीएम अजीत पुजारी ने कहा कि जंगलों में स्वास्थ्य अमला के साथ राजस्व सक्रिय है,मरीजो का उपचार एवं पहचान किया जा रहा है, स्थिति नियंत्रण में है।