
हरिपथ:लोरमी-(विशेष खबर) 9 अक्टूबर क्षेत्र में ग्राम डिंडौरी एवं खपरिकला के आयुर्वेद औषधालय में सालों से डॉक्टर पद रिक्त होने की गम्भीर जानकारी सामने आया है। औषधालय सेवक ही यहाँ शासकीय अस्पताल को खोलकर बैठे रहते है!
जिला आयुर्वेद अधिकारी के से मिली जानकारी के अनुसार ब्लाक में आठ स्थानों में शासकीय आयुर्वेद औषधालय संचालित है,जिसमें सेमरसल, पैजनिया, देवरहट, बघमार,अखरार, कोदवामहन्त में चिकित्सक पदस्थ है,वही डिण्डौरी एवं खपरीकला पद रिक्त है।
पद रिक्त वाले स्थानों के ग्रामीणों को औषधालय से जुड़ी समस्याएं सामना करना पड़ रहा नही। मिली जानकारी के अनुसार नियमित डॉक्टर की अनुपस्थिति ग्राम खपरीकला के इस आयुर्वेद औषधालय में पिछले 17 वर्षों से कोई भी रेगुलर डॉक्टर पदस्थ नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों का आरोप है की यहां दवाइयों की कमी बनी रहती है! किसी प्रकार की आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध नही होने से मरीजों को समुचित लाभ नही मिल पा रहा है।
सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत: ग्रामीणों और स्थानीय लोगों द्वारा सीएम हेल्पलाइन में भी इसकी शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन उसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
सियान जतन क्लिनिक का आयोजन: यहाँ प्रत्येक महीने के पहले गुरुवार को ‘सियान जतन क्लिनिक’ का आयोजन किया जाता है, लेकिन डॉक्टर और स्टाफ न होने के कारण यह सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आता है। ग्रामीणों में रोष: इस लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के चलते ग्रामीणों में गहरा असंतोष और नाराजगी व्याप्त है।

ग्रामीण खपरीकला एवं डिंडोरी में पद रिक्त होने के कारण यहां अपने हिसाब से संचालित करने का आरोप लगा रहे है।
गौरतलब है कि सुदूर ग्रामीण अंचल में आयुर्वेदिक औषधालय में चिकित्सक नहीं होने से ग्रामीण भटकते हैं और सालों यहां डॉक्टरों की पद स्थापना क्यों नहीं हुई है,यह जांच का विषय है।
जनपद उपाध्यक्ष राजेन्द्र साहू ने बताया कि डिंडौरी में सालों से डॉक्टर पदस्थ नही है,जिसकी जानकारी ग्रामीणों को भी नही है। शासन जल्द चिकित्सक की पदस्थापना करें।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ यामिनी शर्मा ने कहा की डॉक्टरों की पदस्थापना प्रशासनिक स्तर का मामला है, समय पर नहीं खुलना इसके लिए निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।