बिजली के चकाचौंध के बीच: घरों में उजाला फैलाने दियों की डिमांड..

हरिपथ:लोरमी– 6 नवंबर ( विशेष खबर) प्रकाश के पर्व दीपावली के नजदीक आते ही नगर के बाज़ार मोहल्ला, ग्राम खपरीकला, अखरार, प्राणकापा में कुंभकार समाज के परिवार मेहनत और लगन के साथ मिट्टी के दीए व बर्तन बनाने में जुट गए है।
विद्युत के विभिन्न वैरियटयों की चकाचौंध के बीच घर घरों में उजाला फैलाने के लिए दिया की आवश्यकता पूजन में अति अनिवार्य है इसलिए लोग आज भी घरों में दिया जलाकर घरों को रोशन करते हैं, जिसको लोग शुभ एवं लक्ष्मी आगमन की संकेत माना जाता है।
सीता राम कुम्भकार अपने पुत्र दिलहरन और बहु ममता के साथ दिन-रात मेहनत कर मिट्टी को आकार दे रहे हैं बहु ममता ने बताया कि वह अपने मायके में भी दीया, बैल, पोरा और गंगार जैसे पारंपरिक सामान बनाती थीं। अब ससुराल आने के बाद भी वह उसी परंपरा और कला को निरंतर आगे बढ़ा रही हैं
परिवार के बुजुर्ग सीता राम कुम्भकार (60 वर्ष) ने बताया कि उम्र के इस पड़ाव पर भी वह मिट्टी के दीये, नगाड़े की खोल, मिट्टी का तवा, तबेला, घड़ा और सुराही जैसी चीजें बनाकर बाजारों में बिक्री के लिए ले जाते हैं। वर्तमान में दीपावली की तैयारी को लेकर वे घर-घर जाकर भी लोगों को दीये उपलब्ध करा रहे हैं

उनके पुत्र इस कलात्मक विरासत को आगे बढ़ाते हुए भगवान श्री गणेश, माता दुर्गा और लक्ष्मी जी की सुन्दर मूर्तियां तैयार करने में लगे हुए हैं ताकि त्यौहार पर लोगों के घरों में खुशहाली और आस्था का उजाला फैल सके।