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आरक्षक भर्ती:लोरमी क्षेत्र के नौ युवाओं का चयन..

हरिपथ:लोरमी-10 दिसंबर  क्षेत्र के 9 युवाओं का छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती में विभिन्न जिलों में चयन हुआ है,होनहारों ने स्थानी फौजी ग्राउंड में निशुल्क ट्रेनिंग लेकर सफलता हासिल किये है! चयन अभ्यर्थियों में मुंगेली एवं बिलासपुर जिला में तीन-तीन एवं बलरामपुर में एक, रायपुर में दो लोगो का चयन हुआ है।

मिली जानकारी के अनुसार नगर के कॉलेज के पास फौजी ग्राउंड में पूर्व फौजी भूपेंद्र सिंह राजपूत के नेतृत्व में क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को पुलिस एवं आर्मी नगर सैनिक फॉरेस्ट एवं देश की सुरक्षा के विभिन्न फोर्स में भर्ती  के लिए सुबह 4:00 बजे से निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। पूर्व सैनिक भूपेंद्र सिंह स्वयं भी फौजी के रिटायरमेंट के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस में बतौर उपनिरीक्षक की ट्रेनिंग ले रहे हैं, अपना स्वयं तो मुकाम हासिल किया अब क्षेत्र के युवा भी उनसे प्रेरणा लेकर सफलता की हासिल रहे हैं।ग्राउंड में बतौर कोच विकास तिवारी,रवि कुलमित्र अजीत के द्वारा  प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

वर्तमान में विगत दिनों छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती में क्षेत्र के 9 युवाओं का चयन हुआ है,जिमसें अधिकतर ग्रामीण अंचल निवासी है,उन्होंने बताया मुख्य रूप से  मुकेश यादव लपटी, देव कुलमित्र लोरमी,पूर्णिमा धुर्वे खुड़िया, नन्दरानी साहू कवर्धा, जलेश्वरी साहू पथरताल, रानी जायसवाल पेंड्री तालाब (एन),नरेंद्र सिंह राजपूत पूर्व सैनिक सेमरिया,नीलम घृतलहरे लोरमी,मनीष कुमार साहू नारायणपुर सामिल है। बताया जा रहा है कि अन्य युवाओं का नाम पुलिस भर्ती में चयन हुआ है, जिनका नाम वेटिंग लिस्ट में है,जो जल्दी ही क्लियर होने की सम्भावना है।

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आर्थिक स्थिति से नही टूटा हौसला, सुकली के भुवनेश्वर बने आरक्षक

लोरमी-सामान्य घरों में सरकारी नौकरी के प्रति बड़ा ही कौतूहल का माहौल रहता है लेकिन आर्थिक स्थिति तो आते रहती है। इन विपरीत परिस्थितियों को मात देते हुए लोरमी के पास में ही ग्राम सुकली के होनहार युवा भुवनेश्वर राजपूत ने अपने कठिन परिश्रम और सकारात्मक सोच से आरक्षक का पोस्ट पाया है। इस सफलता के पीछे तीन असफलता और घर की खराब अर्थव्यवस्था को मात देते हुए भुवनेश्वर ने पुलिस की शारीरिक और मानसिक परीक्षा को पास किया। आपको बता दें कि 12वीं पढ़ने के बाद कोरोना काल समाप्त होने के पश्चात इन्होंने अपनी तैयारी शुरू की। एसएससी जीडी और अग्निवीर में असफलता मिलने के बाद भी हौसला नहीं छोड़ा। घर में बकरी पालन भी करते थे। गांव में उन बकरियों को चराने भी जाते थे उसके बावजूद रोज तड़के सवेरे उठ जाना और 4 बजे से 8 तक तैयारी करना उसके बाद घर का काम फिर खेती और बकरी पालन इन सारी समस्याओं के बावजूद उन्होंने अपना मन नहीं बदला, न ही अपने सपनों को पूरा करने में कोई कसर छोड़ी। और आज ग्रामीण क्षेत्र के लिए बड़ा उदाहरण पेश करते हुए सरकारी नौकरी पाया है। इन्होंने महाराणा प्रताप स्कूल में पढ़ाई की और कहते हैं कि आने वाले समय में भी सामान्य घरों के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा पुलिस भर्ती के लिए तैयारी करवाऊंगा। इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि नोहर सिंह राजपूत, गजानन्द सिंह, जेठू सिंह, पुरुषोत्तम सिंह, कुलदीप सिंह, महावीर सिंह, उमाशंकर सिंह, जागेश्वर सिंह, रामकन्हाई निषाद, मनोज जायसवाल सहित कृष्णा यादव ने मिलकर बधाइयां दी। भारतमाता का चित्र प्रदान किए और पुष्पहार से उनके हौसला अफ़जाई किए। 

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