

हरिपथ:लोरमी-5 अक्टूबरअचानकमार टाईगर रिजर्व में 02 अक्टूबर से 08 अक्टूबर तक आवास-वन्जीवन का विकास थीम पर वन्यप्राणी सप्ताह का आयोजन किया जा रहा हैं। कार्यक्रम के चैथा दिन 05 अक्टूबर को अचानकमार टाईगर रिजर्व के केंवची बफर परिक्षेेत्र के ग्राम-आमाडोब में विस्तृत जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं क्षेत्र संचालक के द्वारा केंवची बफर परिक्षेत्र वन्यप्राणी बाघ की काॅरीडोर के बारे में विस्तृत जानकारी दिया गया, उप संचालक एटीआर द्वारा उपस्थित जन समुदाय को वनों एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा एवं उसके हमारे जीवन मे महत्व के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दिया गया। मंसूर खान हाथी विषेषज्ञ द्वारा सुरक्षा के उपयों एवं सावधानियांॅं मे बारे मे बताया गया तथा श्री उपेन्द्र दुबे द्वारा सुरक्षा एवं माॅनिटरिंग के बारे में विस्तृत जानकारी दिया गया।
बांधवगढ़ से अचानकमार टाईगर रिजर्व आये बाघिन झुमरी की कहानी फिल्म के माध्यम से दिखाया गया। इस दौरान आमाडोब के स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा जुड़े आवास-वन्यजीवन का विकास थीम पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित किया गया। निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता मे प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को मुख्य वन संरक्षक द्वारा सम्मानित किया गया। अचानकमार टाईगर रिजर्व के केंवची बफर परिक्षेत्र बाघ काॅरीडोर में होने से वन्यप्राणी बाघ की उपस्थिति नियमित रूप से बना रहता है। ग्राम-आमोडाब मंें आयोजित जन जागरूकता कार्यक्रम से वन्यप्राणियों की सुरक्षा, संर्वधन एवं बाघों की कुनबा बढ़ाने में स्थानीय जन समुदाय का विषेष सहयोग प्राप्त होगा।

आयोजित जन जागरूकता कार्यक्रम में प्रिंयका पाण्डेय भा.व.से. मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं क्षेत्र संचालक, अचानकमार टाईगर रिजर्व कोनी, बिलासपुर, दिनेष कुमार पटेल भा.व.से. उप संचालक, अचानकमार टाईगर रिजर्व लोरमी, मंसूर खान हाथी विषेषज्ञ, उपेन्द्र दुबेे सीनियर प्रोजेक्ट आॅफिसर ॅॅथ्, अनुराग शुक्ला स्थानीय वन्यप्राणी एक्सपर्ट, सुरंजना आयाम सरपंच ग्राम-पंचायत आमाडोब, सहायक संचालक कोर एवं बफर, समस्त वन परिक्षेत्र अधिकारी कोर एवं बफर, मैदानी कर्मचारी एवं मरवाही वनमण्डल के अधिकारी/कर्मचारी एवं ग्राम आमाडोब, पटपरी, केंवची, बानघाट, रंजकी, छोटकीरवार के स्थानीय ग्रामीण एवं स्व सहायता समूह केंवची के सदस्य एवं आमाडोब स्कूल के छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहें।