लगरा मे अतिक्रमण एवँ पटवारी पर मनमानी का आरोप: सरपंच ने ग्रामीण के साथ सौंपा कलेक्टर को ज्ञापन…

हरिपथ:मुंगेली/लोरमी–3 जून ग्राम पंचायत लगरा में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण का मामला अब राजस्व अमले की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के कारण और अधिक गंभीर हो गया है। ग्राम पंचायत की सरपंच अंजनी ओम चंद्राकर ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर हल्का नंबर-41 के पटवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सरपंच का कहना है कि पटवारी की कार्यशैली से ग्रामीणों और किसानों में भारी नाराजगी है तथा राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सरपंच द्वारा सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पटवारी द्वारा राजस्व कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। किसानों के नक्शा, खसरा, फौती नामांतरण, फसल संबंधी प्रतिवेदन तथा अन्य राजस्व कार्यों में अनावश्यक विलंब किया जाता है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि विभिन्न कार्यों के लिए किसानों से कथित रूप से राशि की मांग की जाती है, जिसके कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शासकीय भूमि विवाद में भी उठे सवाल-ग्राम पंचायत द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार ग्राम लगरा के खसरा नंबर 726 की शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण और निर्माण कार्य लंबे समय से जारी है। पंचायत ने कई बार नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने की मांग की, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने की बात कही गई है। इस मामले में भी पंचायत ने राजस्व विभाग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
सरपंच का कहना है कि यदि समय रहते राजस्व अमला सक्रिय होता तो शासकीय भूमि पर निर्माण की नौबत नहीं आती। पंचायत का आरोप है कि संबंधित भूमि ग्राम की आम निस्तारी भूमि है और भविष्य में वहां उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण का प्रस्ताव भी है। ऐसे में भूमि पर कब्जे की शिकायत के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश-ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पटवारी की कार्यप्रणाली के कारण गांव में विवाद और असंतोष का वातावरण निर्मित हो रहा है। किसानों को छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामवासियों का कहना है कि राजस्व विभाग आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए होता है, लेकिन यदि शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं तो इसकी जांच आवश्यक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है।
पटवारी को हटाने की मांग-सरपंच अंजनी ओम चंद्राकर ने कलेक्टर से मांग की है,कि हल्का नंबर-41 से वर्तमान पटवारी को हटाकर किसी अन्य अधिकारी की पदस्थापना की जाए, ताकि किसानों और ग्रामीणों को राहत मिल सके तथा राजस्व कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें। साथ ही पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की भी मांग की गई है।

प्रशासनिक जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट फिलहाल सरपंच और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी। अभी तक राजस्व विभाग अथवा संबंधित पटवारी का पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। जिला प्रशासन द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, पंचों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आवेदन के माध्यम से प्रशासन से निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
ज्ञापन सौंपने वालों में अंजनी ओम चंद्राकर (सरपंच), हेमपुष्णा चडाकर, कीर्ति पाकर, सोनू निषाद, राजू सोनकर, भूपेन्द्र काकर, अश्वनी घृतलहरे, सुनील चन्द्राकर, लीलाबाई चकाकर, उमेर चन्द्राकर, परसू राम चन्द्राकर, संदीप धृतलहरे, अमरिका चडाकर, रूखमणी परेल, महेश्वरी पटेल, सुमित्रा कुर्रे, भैया लाल चन्द्राकर, गिरीश चन्द्राकर, ओमप्रकाश चन्द्राकर, ओकार चडाकर, सदन कुरै, गणेश विश्वकर्मा, विनोद चन्दाकर, बलीराम चडाकर, रितेश सोनकर, गोविंद सोनकर सहित अन्य ग्रामवासी सामिल रहे।
एसडीएम अजीत पुजारी ने कहा कि मामला सज्ञान में आया है,मामले में टीम गठित जांच के बाद उचित कार्यवाही किया जायेगा।