पुरानी रंजिश पर जानलेवा हमला हत्या के मामला: बाप,बेटा दोनों आरोपियों को अदालत ने सुनाया आजीवन कारावास

हरिपथ: मुंगेली– 14 जुलाई प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सोम की अदालत ने हत्या और जानलेवा हमले के एक बेहद गंभीर मामले में त्वरित व ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायालय ने जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले मुख्य अभियुक्त हीरालाल निषाद और उसके बेटे देवचरण उर्फ सूरज निषाद को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही अपराध में शामिल सह-आरोपी महिला गंगोत्री बाई को भी विभिन्न धाराओं के तहत सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया गया है।
थाना सिटी कोतवाली मुंगेली के अंतर्गत आने वाले ग्राम लिम्हा में पुरानी रंजिश और प्रेम प्रसंग के शक में एक पूरे परिवार पर लाठी, पत्थर और टांगी से जानलेवा हमला किया गया था। घटना 26 नवंबर 2023 की रात करीब 8 से 8.30 बजे के बीच की है। प्रार्थी परिवार परदेशी बाई पति भागवत निषाद के मुताबिक, आरोपी हीरालाल निषाद का परिवार उनके बेटे मनोहर के साथ अपनी बेटी सरोजनी के प्रेम संबंध का शक करता था। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों में पिछले 2-3 सालों से विवाद चल रहा था। घटना की रात, आरोपी हीरालाल निषाद, उसका बेटा देवचरण उर्फ सूरज और पत्नी गंगोत्री बाई एकजुट होकर आएं और लाठी और पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले के बाद भागवत निषाद की मृत्यु हो गई।
न्यायाधीश राकेश कुमार सोम की अदालत ने अभियोजन पक्ष शासन की ओर से लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर द्वारा प्रस्तुत 17 गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट और पुख्ता सबूतों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी पाया। कोर्ट ने आरोपी हीरालाल निषाद, देवचरण उर्फ सूरज निषाद को आजीवन सश्रम कारावास और 500 का अर्थदंड सहित विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई है। आरोपी गंगोत्री बाई को बलवा और जानलेवा हमले की साजिश व मारपीट में शामिल होने के लिए प्रत्येक पीड़ति के संबंध में 1-1 वर्ष का सश्रम कारावास और 100-100 का अर्थदंड। धारा 148 में 1 वर्ष का सश्रम कारावास और 100 का अर्थदंड से दण्डित किया गया है।