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वनाचंल में आँधी तुफान का कहर: स्कुल भवन सहित पांच ग्रामीणों के छप्पर उड़े,तीन मवेशी की दर्दनाक मौत..

हरिपथ:लोरमी18 मई ग्राम पंचायत अचानकमार वनक्षेत्र ग्राम सारससोल में आँधीतुफान ने प्राकृतिक आपदा जैसे कहर बरपाने का मामला प्रकाश में आया है। प्राथमिक शाला भवन एवँ किचन शेड भवन के टीनशेड अंधड़ के चपेट में आकर क्षतिग्रस्त होकर उखड़कर फेंका गए। आसमानी आफत ने तीन मवेशियों  की पेड़ में दबकर मौत हो गई। पांच ग्रामीणों के छप्पर क्षतिग्रस्त होकर सिर से आशियाना ही उजड़ गया। आवागमन के रास्तों में पेड़ धरासायी हो गया। ग्राम के पटवारी एवँ सरपंच सचिव में नुकसान का आंकलन करने निरीक्षण किया।

मिली जानकारी के अनुसार रविवार को देर शाम 4 बजे अचानक मौसम ने करवट लिया जिसमे एटीआर के ग्राम सारसडोल में प्रकृति ने जमकर नुकसान किया हैं। आपदा से कम नही है। आँधीतुफान तेज रफ्तार ने दर्जनों पेड़ धरासायी हो गए।

जिसमें राज सिंह पिता मनहरण बैगा, तुलसी पिता सीताराम यादव, जय सिंह पिता अंधियार बैगा, दशरी बाई पति मिठाई राम बैगा, मनहरण पिता भागबली यादव पेड़ गिरने एवँ अंधड़ से  मकान का छप्पर उखड़कर फेंका गया। ग्रामीणों ने भागकर जान बचाई। इस तूफान से पेड़ में दबने से  गुलाब पिता भगलबली यादव एक मवेशी एवँ गंगा पिता राजाराम के दो मवेशी पेड़ में दबकर दर्दनाक मौत हो गई। बैगा परिवार गरीब ग्रामीणों ने मुवायजा राशि देने गुहार लगाई है।

इसी तरह शासकीय भवन भी इस आसमानी आफत के शिकार हो गए। प्राथमिक शाला भवन एवँ किचन शेड भवन के टीनशेड अंधड़ के चपेट में आकर क्षतिग्रस्त होकर उड़ के गए। इससे आने दिनों में विद्यार्थियों को बारिश में बैठने में दिक्कत सामना करना पड़ेगा। खुले में खाना बनाना विवशता होगी। 

सरपंच मीनादेवी अनन्त ने बताया कि पांच ग्रामीणों के मकान शासकीय स्कुल के छप्पर उड़ गए है,जिसे तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है। तीन ग्रामीणों की मवेशी भी पेड़ के दबने से मौत हो गई है। प्रशासन तत्काल सहायता प्रदान करने आग्रह करती हूँ।

तहसीलदार चंद्रकांत राही ने बताया कि पटवारी हल्का ने पीड़ितों का मुवायजा  प्रकरण तैयार कर प्रेषित करने निर्देश दिया गया है। जल्द ही ग्रामीणों को सहायता मिलेगी।

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