सरकारी जमीन पर पीएम आवास निर्माण का फर्जीवाड़ा! जाँच में अतिक्रमण हटाने के निर्देश…

हरिपथ:लोरमी-(नन्दकुमार यादव की रिपोर्टिंग) 14 जुलाई मुंगेली ब्लाक के ग्राम सेमरकोना में प्रधानमंत्री आवास योजना स्वीकृत लोरमी ब्लाक के बेलसरी में लोकनिर्माण विभाग के सरकारी जमीन पर निर्माण कराने का फर्जीवाड़े का बड़ा मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीण की शिकायत पर जिला स्तरीय टीम ने जांच में अतिक्रमण को तत्काल हटाने निर्देशित किया गया है।
शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच कर निर्माण को सरकारी जमीन पर पाया है। अब संबंधित कथित हितग्राही को सात दिनों के भीतर निर्माण हटाकर शासकीय भूमि अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बेलसरी निवासी मनमोहन साहू की शिकायत पर प्रशासन ने जांच की, जिसमें सामने आया कि मुंगेली ब्लाक के ग्राम सेमरकोना के नाम से स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास का निर्माण लोरमी विकासखंड के ग्राम बेलसरी स्थित लोक निर्माण विभाग की अधिग्रहित शासकीय भूमि पर निर्माण कराने शिकायत किया गया था,

गौरतलब है,की प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को उनके गांव में पक्का आवास उपलब्ध कराना है, लेकिन मुंगेली जिले में इस योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
शिकायत के बाद राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर भूमि की नाप-जोख सीमांकन किये । शिकायतकर्ता ने बताया कि जांच में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास शासकीय भूमि पर पाया गया! इसके बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण पर रोक लगाते हुए संबंधित आवास हितग्राही को सात दिनों के भीतर निर्माण हटाकर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश जारी किया है।
मामले में यह भी सामने आया कि संबंधित प्रधानमंत्री आवास मुंगेली ब्लाक के ग्राम सेमरकोना में स्वीकृत था, जबकि निर्माण लोरमी विकासखंड के ग्राम बेलसरी में कराया जा रहा था। आरोप है कि नियमों के विपरीत जियो टैगिंग कर योजना की राशि भी आहरित कर ली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित आवास मित्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है तथा आवास की अगली किस्त की जियो टैगिंग पर भी रोक लगा दी गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि यदि समय रहते मामले की जांच नहीं होती तो शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण पूरा हो जाता और प्रधानमंत्री आवास योजना फर्जीवाड़े के भेंट चढ़ जाती! प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता या फर्जीवाड़ा प्रमाणित होता है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा सकती है!

फिलहाल प्रशासन ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि जांच पूरी होने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना में हुई कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।
जाँच अधिकारी सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख विकास गढेंवाल ने बताया कि पुराना प्रकरण है,जिला कलेक्टर के निर्देषन पर मामले में जांच कर अतिक्रमण हटाने निर्देश दिये गए है।
मामले में ग्रामीणों और शिकायतकर्ता ने बताया कि अनावेदक ने तत्काल 1 घंटे के भीतर ही एक्सीवेटर की मदद अतिक्रमण भूमि से निर्माणाधीन मकान हटाना प्रारंभ कर दिया है, यह मामला अब जमकर चर्चा का विषय बना हुआ है!