उपलब्धिकिसानकृषि विभागखुड़ियाछत्तीसगढ़जलभरावजलसंसाधनन्यूजमनियारी नदीलोरमीविकसित भारतविशेष खबर

भीषण गर्मी में क्षेत्र के बांधो में पर्याप्त पर्याप्त पानी:  खुड़िया जलाशय में 75 प्रतिशत जल संचय..धान की फ़सल का रकबा घटा!

हरिपथ:लोरमी16 जून (विशेष खबर) इस वर्ष भीषण गर्मी में  सूर्य की तपती किरणों से क्षेत्र के प्रमुख बांध,नदी , नाले एवं निस्तारी तलाब जवाब देने लगे है।  क्षेत्र में गर्मी फसलों धान का रकबा कम होने से बांधो में रिकार्ड पानी उपलब्ध से जल संकट नही हुए। 

मनियारी नदी पर निर्मित ब्रिटिश कालीन राजीव गांधी जलाशय खुड़िया बांध में 75 प्रतिशत ही जल संचय है। भीषण गर्मी के तापमान से जल स्तर कम नही हुआ है।  26 अप्रेल से 20 मई तक सभी बन्धो से एक एक बार निस्तारी  के लिए पानी नहरों छोड़ा जा चुका है। इसके बाद छोटे बांधो में जलीय जीव के साथ जानवरो के पीने एवं निस्तारी के लिए पर्याप्त पानी उपलब्धता है। खुड़िया बांध के बुडान (कैचमेंट) क्षेत्र में लबालब पानी होने से किसानों महज 100 से 125 प्लाट ही किसानो उप्लब्ध कराया गया,जिसमें आलू,कुम्हड़ा,सरसों,गेंहू जैसे अन्य रवि फसल पर खेती करते है। 

गौरतलब है,की खुड़िया बांध में कैचमेंट क्षेत्र में पानी खाली होने पर लगभग 600 से 700 प्लाट किसानो को सालाना लीज पर दिया जाता है। एक प्लाट लगभग ढाई एकड़ होता  है। जिसमे किसान बुडान क्षेत्र में खेती करते है। अप्रेल महीने तक 90 प्रतिशत तक जल भराव के कारण किसानों को पर्याप्त प्लाट उपलब्ध नही हो पाए।

खुड़िया में 75 प्रतिशत, गबदा जलाशय, लोटन नाला, बघर्रा जलाशय, बुधवारा, भारतसागर बांध, कन्हैया जलाशय में 15-15 प्रतिशत जल संचय एवं दानव खार में न्यूनतम स्तर पर है! जिस पर विभाग ने चिंता जताया है। 

वाटर रिचार्ज– बांध में कम जल स्तर से समस्या हो रहा है, बांध के आसपास ग्रामीण क्षेत्र में वाटर रिचार्ज कम होने से भुजल स्तर गिरने का प्रमुख कारण यही हो सकता है! बीते दिनों से आग उगलती सूर्य के तपिश से बांधो से तेजी से वाष्पीकरण हो रहा है। 

रवि फसल– गर्मी में धान का रकबा-17  प्रतिशत कम –  विकासखण्ड में ग्रीष्मकालीन धान 1150 हेक्टेयर- धान लागये थे क्षेत्र में गर्मी के दिनों मे वाटर लेवल प्रतिवर्ष कम होते जा रहे है, जिसका मुख्य कारण गर्मी के दिनों में धान की फसल की पैदावार है, इस वर्ष गर्मी के दिनों 1150  हेक्टेयर कृषि भूमि पर गर्मी की फसल लगायी गयी है। जो खरीफ में 39000 हेक्टेयर में धान किसान लगाते है।

भारतसागर बांध

लगातार गर्मी फसल का रकबा बढ़ शासन द्वारा कृषि विभाग के अधिकारी एवं कमर्चारियो को गर्मी के दिनों में धान की फसल को प्रोत्साहित कर इसके बदले मुंग उड़द, मुंगफली, मक्कका जैसे फसल उत्पादन करने आदेश दिया। दूसरी ओर मुंग, उड़द, मुंगफली, मक्का आदि का फसल लगातार कम होते जा रहा है। 

धान की फसल में अत्यधिक मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है अधिक मात्रा में पानी लगने के कारण गर्मी के दिनों में वाटर लेवल कम होता है , यही से पानी की समस्या शुरू होती है। 

कृषि विभाग के एसडीओ धनंजय कुर्रे ने बताया कि पिछले दो वर्षों की अपेक्षा में रवि फसल 17 प्रतिशत धान उत्पादन रकबा  घटा  है। किसानों को दलहन जैसे फसल लगाने प्रोत्साहन करते है। धान में सबसे ज्यादा पानी खपत होता है। 

सिंचाई विभाग के एसडीओ शंकर गेंदले  ने बताया कि गर्मी में निस्तारी के लिए बांधो से पर्याप्त पानी दिया गया। खुड़िया से 26 अप्रेल से 20 मई तक नहर के माध्यम से नदी में निस्तारी पानी छोड़े गए। वर्तमान में खुडिया बांध में 75 प्रतिशत जल भराव है, भीषण गर्मी इस वर्ष बांधो में पानी कम नही हुआ है,दानवखार को छोड़कर सभी मे पानी है। 

Latest