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बारिश से 200 एकड़ धान की फसल डूबी..

हरिपथ:लोरमी12 अगस्त ग्राम बोईरपारा में लगातार हुई बारिश से  100 किसानों के खेतों में जलजमाव  से करीब 200 एकड़ में रोपाई की गई धान की फसल चौपट होने की गम्भीर समस्या सामने आया है। जलभराव के कारण किसानों के सामने फसल खराब होने से आर्थिक नुकसान की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। किसानों ने जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने एवं जांच नकर क्षतिपूर्ति देने की मांग कर रहे है।

किसानों के अनुसार  उन्होंने धान की रोपाई का कार्य पूरा कर लिया था। एक एकड़ में रोपाई एवं अन्य कृषि कार्यों पर करीब 18 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। ऐसे में खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से धान की फसल चौपट होने की आशंका है। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

नरवा चौड़ा करने से हो सकता है समाधान-ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बारिश के पानी की निकासी के लिए पहले से नरवा (नाला) मौजूद है, लेकिन वर्तमान में यह काफी सकरा हो गया है। किसानों के अनुसार नरवा को दोबारा चौड़ा कर दिया जाए तो खेतों से पानी की निकासी आसानी से हो सकती है और फसलों को नुकसान से बचाया जा सकता है। खेतो के पानी सुरेठा, नारायणपुर, बिजरकापा, बांधा एवं गैंजी पानी आता है। 

मनरेगा से बनी सड़क काटे जाने का भी आरोप– किसानों ने बताया कि नरवा के पार पंचायत द्वारा पूर्व में मनरेगा के तहत सड़क का निर्माण कराया गया था। 

ग्रामीणों का आरोप है कि बाद में कुछ लोगों द्वारा सड़क को काट दिया गया, जिससे आवागमन के साथ जल निकासी की व्यवस्था भी प्रभावित हुई। इसका असर बोईरपारा के सैकड़ों किसानों पर पड़ रहा है।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नरवा का निरीक्षण कर उसे चौड़ा कराया जाए तथा काटी गई सड़क को दोबारा पक्के तौर पर निर्मित कराया जाए। 

किसान ज्ञानेश्वर सिंह का कहना है कि प्रशासन जल निकासी की समस्या दूर करने से  साथ कृषि कार्य के लिए ग्रामीणों को सुगम आवागमन की सुविधा दुरुस्त करें। जिससे भविष्य में फसलों को जलभराव से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा। प्रभावित किसानो को क्षतिपूर्ति राशि प्रदान किया जाए।

एसडीएम अजीत पुजारी किसानो की समस्या सज्ञान आया मामले में निरीक्षण कर उचित कार्यवाही किया जायेगा।

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