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50 एकड़ फसल मवेशियों के हवाले! किसानों को हुई भारी आर्थिक क्षति…

हरिपथ:लोरमी-20 मई ग्राम बघर्रा ने बेमौसम बारिश ने जमकर क्षति पहुँचाई है। पचास एकड़ धान की फसल में तेज आँधीतुफान एवँ बारिश ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई। दस किसानो ने गर्मी की धान फसल बर्बाद होने के बाद  मवेशियों  के खाने के लिए छोड़ दिये। असर इतना रहा कि दर्जनों पेड़ उखड़कर धरासायी हो गए। 

क्षेत्र में बिनमौसम बारिश एवं तेज अंधड़ के साथ तूफान एवं ओलावृष्टि ने जमकर तबाही मचाने का किसानो की 50 एकड़ की फसल बर्बाद होने का मामला प्रकाश में आया है। वनक्षेत्र से सटा हुआ ग्राम बघर्रा में शनिवार को प्राकृतिक आपदा से कम नही है,50 एकड़ की धान की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गया,किसानों ने बताया कि तेज आंधी इतना जबरस्त असर रहा कि दर्जनों गाँव के विशलकाय पेड़ धरासायी हो गए। इससे गर्मी में धान की फसल पूरा बर्बाद हो गए।

इनका फसल हुआ नष्ट  गौतम पिता समेलाल,भारत पिता मोहन,विजय पिता मोहन , बुधराम पिता गरीबा राम, नारदसिंह  पिता मुकतूराम, पिताम्बर सिह पिता  सम्भूसिह, रामधुन पिता बुधराम, नंदलाल पिता कलेसर ,उमेदी पिता  कलेसर,  नरेश पिता पुनाराम ध्रुव शामिल है,सभी किसानो ने धान की बाली नष्ठ होने से फसलों में रविवार को गाँव के मवेशियों को हवाले कर दिए। किसानों ने कहा कि इससे उनका भारी आर्थिक क्षति हुई है,शासन उदारता दिखाते हुये क्षतिपूर्ति मुवायजा देने गुहार लगाई है।

कृषि विभाग के एसडीओ ने धनंजय कुर्रे ने बताया कि ग्रीष्मकालीन धान के फसलों में क्षतिपूर्ति लाभ नही मिलता है। किसानो को गर्मियों में धान फसल नही लगाने अपील किया गया था। 

एसडीएम अजीत पुजारी ने कहा गाँव मे फसल नुकसान की जांच कराने के बाद कार्यवाही होगी। 

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