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एटीआर के गाँवो में मलेरिया 11 मरीज मिले! प्रशासन अलर्ट मोड़ पर..आधा दर्जन गाँव मे कंटोल रूम..

हरिपथ:लोरमी– 2 अगस्त  विकासखंड अंतर्गत अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) क्षेत्र के गांवों में शुक्रवार को 11 मरीज मलेरिया मिलने के बाद बढ़ते प्रकोप को गंभीरता से लेते हुए जिला एवँ स्वस्थ्य विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारीयो की टीम ने वनाचंल के विभिन्न ग्रामो का दौरा कर सतत निरीक्षण किये। टीम ने तिलईडबरा, बहाउड़, सारसडोल, जमुनाही, अतरियाखार एवं राजक गांवों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। 

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी मलेरिया पीड़ित मरीजों को राहत एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, शुक्रवार को विभन्न गाँव मे 11 मरीज मिले उसके बाद जिला कलेक्टर ने निर्देश पर ग्रामीणों की व्यापक मात्रा में जाँच सेंपल लिया गया है,जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही संख्या का पता चल पायेगा। बताया जा रहा है,की कुछ मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कर आवश्यकतानुसार उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। मरीजों की  स्वास्थ्य जांच तथा उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिल सके।

प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष स्वास्थ्य प्रबंधन एवं निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य टीमों एवं मितानिनों के माध्यम से घर-घर पहुंचकर बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान की जा रही है तथा संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच प्रारंभ किया गया।जिससे किसी भी संदिग्ध मरीज की मौके पर जांच कर तत्काल उपचार शुरू करने निर्देश दिए गए। 

प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता-स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगातार  ग्रामीणों को पूरे बाजू के कपड़े पहनने, नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने, घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, गर्म एवं ताजा भोजन करने तथा उबला या सुरक्षित पानी पीने की सलाह दी जा रही है।मलेरिया के साथ-साथ अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं प्रभावी प्रबंधन के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। 

कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों की सतत निगरानी की जा रही है तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

इस अवसर पर एडीएम निष्ठा पाण्डेय तिवारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  गोकुल रावटे तथा स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ डॉ शीला साहा, एसडीएम अजीत पुजारी,  बीएमओ डॉ जीएस दाऊ, सीईओ सुरेश कवंर एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। 

कलेक्टर  कुन्दन कुमार ने कहा कि मलेरिया नियंत्रण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सतत निगरानी की जा रही है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी एवं स्वास्थ्य अमला पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहे हैं, ताकि प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार मिले और मलेरिया का प्रसार पूरी तरह रोका जा सके।

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