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लोरमी में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या बना चिंता का विषय ! रेबीज़ टीकाकरण में प्रशासन सक्रिय…

हरिपथ:लोरमी30मई (विशेष खबर)नगर एवं क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है! पशुधन विकास विभाग की ताज़ा सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, नगर के 18 वार्डों में कुल 288 आवारा कुत्ते पाए गए हैं। वहीं पूरे विकासखंड क्षेत्र में लगभग 3,000 लावारिस कुत्तों की मौजूदगी दर्ज की गई है। पुरे ब्लाक में वर्ष 2024-25 में 1970 एवँ 2025-26 में 1537 लोगो को रैबीज के टीके लगने की जानकारी मिली है। जो चिंता का विषय बन सकता है।

वार्डवार स्थितिपशु चिकित्सालय लोरमी द्वारा तैयार रिपोर्ट में बताया गया है कि सबसे अधिक आवारा कुत्ते वार्ड  एक  (26),   वार्ड 14 (23) और  वार्ड 15  (22) में पाए गए हैं। वहीं सबसे कम संख्या वार्ड 7 (8) और वार्ड 13 में (8) में दर्ज की गई है।यह सर्वे 11 फरवरी 2026 को पशुधन विकास विभाग द्वारा शासन को जानकारी उपलब्ध कराया किया गया।

स्थानीय एवँ क्षेत्र के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में रेबीज़ टीके की खपत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में कुत्ता काटने की दवा (Anti Rabies Vaccine – ARV) की खपत के आंकड़े भी सामने आए हैं।

| वर्ष | स्टॉक | उपयोग | शेष | |——|——–|| | 2024-25 | 2240 | 1970 | 270 | | 2025-26 | 1930 | 1537 | 393 | आंकड़ों से स्पष्ट है कि वर्ष 2025-26 में टीके का उपयोग घटा है, जबकि बचत बढ़ी है — यह बेहतर प्रबंधन का संकेत देता है।

पशु चिकित्सालय में टीकाकरण लोरमी में वर्ष 2025-26 में 312 डॉग डोज़ और 80 अन्य पशु डोज़ का उपयोग हुआ।वर्ष 2026-27 के लिए 31 डॉग और 20 अन्य पशु डोज़ का लगया जा चुका है।कुल मिलाकर 169 डोज़ का उपयोग दर्ज किया गया है, जो पशुओं में रेबीज़ टीकाकरण की निरंतरता को दर्शाता है।

गौरतलब है,कि लोरमी नगर और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या प्रशासन के लिए चुनौती जरूर बनी है, हालांकि, स्वास्थ्य विभाग और पशु चिकित्सा विभाग दोनों ही रेबीज़ नियंत्रण के लिए सक्रिय हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो जितना आबादी लावारिस कुत्तों की लगभग में बताई जा रही उनमें आधा जनसंख्या आवारा कुत्तों ने लोगो को निशाना बनाया है। इन्होंने पालतू जानवरों को नही छोड़ा है।

मिली जानकारी के अनुसार इनके प्रजनन क्षमता को  नियंत्रण के लिए शासन ने जिला एवं ब्लाक स्तर पर कारगर उपाय पशुधन विभाग को जारी किये है,लेकिन अभी धरातल में नही दिख रहा है। प्रशासन ने डॉग बाईट पर नियमित टीकाकरण और जनजागरूकता अभियान से संक्रमण पर नियंत्रण पाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग के द्वारा आवारा कुत्तों की संख्या के आंकड़े  लोगो की चिंता का विषय बन सकती है। इस पर सर्वोच्च न्यायालय ने पहले ही अपना फैसला देकर गाइडलाइंस जारी कर चुकी है। 

बीएमओ डॉ जीएस डाऊ ने कहा कि ब्लाक के सभी सरकारी अस्पतालों रैबीज इंजेक्शन पर्याप्त उपलब्ध है, मांग अनुसार उपलब्ध कराया जाता है। 

पशु चिकित्सक प्रमोद नामदेव ने कहा कि क्षेत्र में लगभग तीन हजार लावारिस कुते घूम रहे है,पालतू को एन्टी रैबीज लगाया जा रहा है। इनके प्रजनन नियंत्रण के लिए अभी शासन से दिशा निर्देश मिले है, जिस तकनीकी आधार पर कार्य प्रारम्भ किये जा रहे। 

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