वनांचल क्षेत्रों में लोगो की आजीविका संवर्धन के लिए डीएफओ अभिनव हुए सम्मानित..

हरिपथ:लोरमी-क्षेत्र में औषधी के सघन रोपण एवं ऑग्मेंटेशन कार्य से वन पारिस्थितिकी तंत्र, जैवविविधता संरक्षण एवं वनांचल क्षेत्रों में लोगो की आजीविका संवर्धन कार्य को सराहते हुआ वनमंडल के डीएफओ अभिनय कुमार को अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
इस कार्य का मुख्य उद्देश्य स्वस्थ जंगलों, सशक्त समुदायों और औषधीय जड़ी-बूटियों की समय-सम्मानित परंपराओं में निहित एक स्थायी भविष्य के लिए योगदान करना हैं। यह प्रयास न केवल पारंपरिक औषधीय ज्ञान को जीवित रखेगा बल्कि उसे पनपने में भी मदद करेगा, जो आदिवासियों और वन-सीमावर्ती समुदायों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए आवश्यक है। आयुर्वेदिक औषधियों की खेती को बढ़ावा देने से स्थानीय समुदायों के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक लाभ होते हैं, जैसे कि रोजगार के अवसरों का सृजन, आजीविका के विविधीकरण का समर्थन करना और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति स्वामित्य और देखभाल की भावना को बढावा देना। औषधी रोपण से परंपरागत ज्ञान को महत्व और बढ़ावा मिलेगा। औषधीय पौधों का महत्व स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के लिए बहुत अच्छा है। ये पारंपरिक चिकित्सा का आधार रहा है। औषधी रोपण से किसानों के लिए आय का एक बड़ा स्त्रोत है और शासन इनकी खेती को बढ़ावा दे रही है, जिससे छ.ग. राज्य की छवि हर्बल राज्य के रूप में सशक्त एवं सुदृढ़ हो सके। इस उपलब्धी में छ.ग. औषधी पादप बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिसने निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया है। उनको सम्मान मिलने पर एसडीओ दशांश सूर्यवँशी, वनपरिक्षेत्र अधिकारी, रुद्र कुमार राठौर, क्रिस्टोफर कुजूर सहित अन्य वन कर्मचारियों ने हर्ष व्यक्त किये है।



