सड़क हादसों पर प्रशासनिक कसावट: दुर्घटना रोकने पुलिस एवं प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय…

हरिपथ:लोरमी:25 मार्च सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने और बढ़ती दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाने हेतु वरिष्ट पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के दिशा-निर्देशानुर स्थानीय विश्राम गृह में परिवहनकर्ता ओ की बीच एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस प्रशासन, राजस्व विभाग और नगर पालिका के अधिकारियों ने परिवहनकर्ताओं के साथ सीधे संवाद कर सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन हेतु कड़े निर्देश दिए। बैठक में मुख्य रूप से एसडीओपी हरविंदर सिंह, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सी.पी. सोनी एवं सीएमओ चंदन शर्मा ने नेतृत्व किया।

प्रमुख निर्णय एवं सख्त दिशा-निर्देश– शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों (पुलिया, सड़क आदि) के कारण भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है। जनहानि रोकने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया है:बैठक में निम्न निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया :-वैध दस्तावेज* – प्रत्येक चालक के पास अनिवार्य रूप से हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए।

*अनिवार्य स्टाफ* – अकेले वाहन चलाना प्रतिबंधित, चालक के साथ परिचालक (Helper) का होना अनिवार्य। *गति सीमा* – आबादी वाले क्षेत्रों में अधिकतम गति 20 किमी/घंटा निर्धारित। ओवरलोडिंग*- क्षमता से अधिक माल लादना पूर्णतः प्रतिबंधित।*सुरक्षित परिवहन* – रेत से भरे वाहनों को अनिवार्य रूप से त्रिपाल से ढंकना होगा, अन्यथा सख्त कार्यवाही की जाएगी।
*ड्राइवर स्क्रीनिंग*- ऐसे चालक जिन्होंने पूर्व में दुर्घटना की है, उन्हें पुनः भारी वाहन चलाने की अनुमति न दी जाए।
*ध्वनि प्रदूषण* – सभी भारी वाहनों से प्रेशर हॉर्न को तत्काल हटाना होगा।
*नशा मुक्ति* – वाहन स्वामी यह सुनिश्चित करें कि चालक नशे की अवस्था में वाहन न चलाएं।*पहचान अंकन*- प्रत्येक वाहन पर मालिक, चालक एवं परिचालक का नाम एवं मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए।

कड़ी चेतावनी एवं अपील: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उपरोक्त निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन मालिक और चालक दोनों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही एवं भारी अर्थदंड आरोपित किया जाएगा।
“जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी ट्रांसपोर्टर व्यावसायिक लाभ से ऊपर मानवीय जीवन को रखें और निर्धारित सुरक्षा मानकों का अक्षरशः पालन करे।



