
हरिपथ:लोरमी– (विशेष खबर)7अगस्त शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2026 के लिए 99 शासकीय विद्यालयों के जर्जर एवं डिस्मेंटल योग्य भवनों की सूची तैयार कर उच्चधिकारीयो को प्रेषित कर डिस्मेंटल करने अनुरोध किया था,विभाग एवँ कलेक्टर के निर्देश पर एक जांच टीम ने भवनों निरीक्षण पश्चात 53 भवनों को डिस्मेंटल करने आदेशित किया गया है। सूची से स्पष्ट है कि कई स्कूल भवन 36 से 70 वर्ष पुराने हैं और अब छात्रों व शिक्षकों की सुरक्षा के लिए उन्हें अनुपयोगी घोषित कर हटाने की तैयारी की जा रही है।

सबसे पुराने भवनों में शासकीय प्राथमिक शाला (1963), (1962), (1956) शामिल हैं। इसके अलावा वर्ष 1972, 1975, 1980 और 1990 के कई भवन भी डिस्मेंटल योग्य पाए गए हैं। कई स्कूलों में पुराने भवन, अतिरिक्त कक्ष, किचन शेड, शौचालय और जर्जर स्कूल भवनों को सूचीबद्ध किया गया है।

सूची से यह भी सामने आया है कि अनेक विद्यालयों में तीन से चार भवन तक जर्जर अवस्था में हैं। ऐसे में बरसात के मौसम में इन भवनों में अध्ययन करना बच्चों के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता था,लेकिन विभाग ने इस शिक्षा सत्र होने से पहले निरीक्षण कर जर्जर भवनों की सूची भेजकर बड़ा एहतियातन निर्णय लिया।

शिक्षा विभाग की इस सूची के बाद अब यह उम्मीद बढ़ गई है कि पुराने और खतरनाक भवनों को हटाकर नए स्कूल भवनों के निर्माण की प्रक्रिया तेज होगी।

ग्राम कौहबाँधा, फुलझर शास.पूर्व मा. शाला साल्हेघोरी संकुल साल्हेघोरी के 2 अतिरिक्त कक्ष को डिस्मेंटल पंचायत द्वारा किया गया है। एक तरफ के दीवार को थोड़ा सा छोड़ा गया है, ताकि स्कूल परिसर खुला ना हो जाये। इसी तरह चंदियाभांठा में जर्जर छप्परनुमा को छोड़कर अन्य भवन स्कुल लगाया जा रहा है।

क्षेत्र के अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने भी मांग की है कि डिस्मेंटल के साथ-साथ नए भवनों की शीघ्र स्वीकृति और निर्माण कार्य शुरू किया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

बीईओ मनीषा पाटले ने कहा कि 99 भवनों की सूची भेजे गए जिला स्तर के सत्यापन के बाद 53 भवनों को डिस्मेंटल करने का आदेश प्राप्त हुए है।